Tuesday, August 28, 2018

जब राधिका आप्टे ने ट्रोल्स को किया ट्रोल

बॉलीवुड अभिनेत्री राधिका आप्टे को हाल ही में सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया था जिसमें लोगों ने ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग वेबसाइट नेटफ़्लिक्स के साथ लगातार काम करने पर उनका मजाक उड़ाया था.
कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स कहते हैं कि राधिका आप्टे नेटफ़्लिक्स की सूर्यवंशम हैं.
वहीं, कुछ लोग कहते हैं नेटफ़्लिक्स राधिका आप्टे के टैलेंट को इस तरह निचोड़ रहा है जैसे कि कोई टूथपेस्ट ख़त्म होने के बाद उसमें से आख़िरी बार टूथपेस्ट निकालता हो.
देखिए, राधिका आप्टे को ट्रोल करते हुए ऐसे
राधिका आप्टे ने हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री में बड़े बैनरों के साथ ज़्यादा काम नहीं किया है. हाल ही में उन्होंने कहा था कि किसी भी अभिनेता के लिए सबसे मुश्किल चीज़ ख़ारिज किया जाना होती है.
राधिका इससे पहले बदलापुर, पार्च्ड और पैडमैन में काम कर चुकी हैं.
लेकिन राधिका को असली सफ़लता वेबसीरिज़ फ़ॉर्मेट में मिली.
नेटफ़्लिक्स की सेक्रेड गेम्स, घोल और लस्ट स्टोरीज़ जैसी वेबसीरिज़ में वह दमदार भूमिकाओं में नज़र आई हैं और उनके काम को काफ़ी पसंद किया गया.
लेकिन राधिका और नेटफ़्लिक्स ने भी ट्विटर पर ट्रोल किए जाने के बाद ट्रोल्स के लिए एक सरप्राइज़ दिया है.
नेटफ़्लिक्स ने एक नया वीडियो जारी किया है जिसमें राधिका नेटफ़्लिक्स के साथ अपनी अगली वेब सिरीज़ ओम्नीप्रज़ेंट के बारे में बताते हुए दिख रही हैं और ट्रोल्स के लिए सरप्राइज़ भी इसी वीडियो में छिपा हुआ है.
वीडियो में राधिका कहती हैं, "जब नेटफ़्लिक्स एक नए ऑफ़र के साथ आया तो मैं थोड़ा झिझक रही थी क्योंकि मुझे लगा कि मैंने अपने भर का काम कर लिया है. लेकिन जब विक्रमादित्य मोटवानी ने मुझे बताया कि ये एक ऐसी सिरीज़ होगी जिसमें हर रोल में मैं ही नज़र आऊंगी तब मैंने इसमें काम करने के बारे में सोचा"
नेटफ़्लिक्स ने भी इस वीडियो को शेयर करते हुए ट्विटर पर लिखा कि - रोल कोई भी हो राधिका आप्टे है न.
राधिका आप्टे का ये वीडियो जब तक चलता है तब तक आपको लगेगा कि जैसे आप किसी नई सिरीज़ के बिहाइंड द सीन वाला वीडियो देख रहे हैं.
मगर वीडियो के अंत में आपको पता चलता है कि राधिका आप्टे ने ख़ुद को ट्रोल करने वालों को किस तरह ट्रोल किया.
महाराष्ट्र पुलिस पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौतम नवलखा को गिरफ़्तार किए जाने की वजह अदालत में नहीं बता सकी है. पुलिस कोर्ट में यह बताने में नाकाम रही कि किस अपराध में नवलखा को गिरफ़्तार किया गया है.
दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि नवलखा को पुलिस बुधवार की सुनवाई तक दिल्ली से बाहर नहीं ले जा सकती है. दिल्ली हाई कोर्ट नवलखा के वकील वारिश फ़रासत की याचिका पर सुनवाई कर रहा है.
मंगलवार दोपहर बाद महाराष्ट्र पुलिस की पुणे की टीम ने नवलखा को दक्षिणी दिल्ली के नेहरू इनक्लेव स्थित उनके आवास से गिरफ़्तार किया था. नवलखा को पहले स्थानीय कोर्ट साकेत में पेश किया गया था.
साकेत कोर्ट ने नवलखा को पुणे की स्थानीय अदालत में पेश कर पुलिस को ले जाने की इजाज़त दे दी थी.
ही कुछ ट्वीट.

Friday, August 10, 2018

भारत ने फुटबॉल मैच में अर्जेंटीना को हराकर रचा इतिहास

भारत की अंडर-20 फुटबॉल टीम ने स्पेन में चल रहे कोटिफ कप 2018 के एक मुक़ाबले में अर्जेंटीना की अंडर-20 टीम को 2-1 से हराकर इतिहास रच दिया है.
भारत की इस ऐतिहासिक जीत के हीरो अनवर अली रहे जिन्होंने मैच के 68वें मिनट में एक फ्री किक को गोल में बदलकर मैच भारत के पाले में डाल दिया.
मैच के शुरुआती दौर से ही भारतीय टीम ने अपने पूरे दमख़म के साथ अर्जेंटीना के साथ टक्कर लेते हुए पहला गोल कर दिया.
भारतीय ख़िलाड़ी दीपक टांगरी ने अपने सिर का इस्तेमाल करके यानी एक शानदार हेडर खेलते हुए बॉल को अर्जेंटीना के गोल पोस्ट में डाल दिया.
भारत के गोल के बाद अर्जेंटीना की टीम ने दूसरे हाफ़ के दौरान, मैच में बराबरी करने की काफ़ी कोशिश की लेकिन भारतीय टीम ने अर्जेंटीना के आक्रमण को बेअसर कर दिया.
इसके बाद 68वें मिनट में भारत की ओर से अनवर अली ने एक फ्री किक को गोल में बदलकर भारत का स्कोर 2-0 कर दिया.
लेकिन बस चार मिनट बाद ही अर्जेंटीना ने भारत के ख़ाते में एक गोल डाल दिया.
इसके बाद लगभग 18 मिनट का खेल शेष था जिसमें अर्जेंटीना को अपना दमख़म दिखाना था जिसके लिए वह जानी जाती है.
लेकिन भारतीय खिलाड़ियों जैसे अनीष राय और जीतू ने आखिर तक मजबूत किलेबंदी को कायम रखा और भारत को 2-1 से जीत दिलाकर इतिहास रच दिया.
कॉटिफ़ कप 2018 में इससे पहले भारत मर्सिया अंडर 20 और मॉरिशियाना अंडर 20 के साथ हुए शुरुआती मैचों में हार का सामना कर चुकी है. लेकिन वे वेनेजुएला की अंडर 20 टीम के साथ ड्रॉ करने में सफलता हासिल की.
अर्जेंटीना की टीम के खिलाफ़ भारतीय टीम की ये जीत अहम है इसलिए भी है क्योंकि अंडर 20 वर्ल्डकप से पहले हो रहा ये टूर्नामेंट एक क्वालिफाईंग राउंड की तरह है.
ऐसे में अर्जेंटीना के ख़िलाफ़ जीत से भारतीय ख़िलाड़ियों को तकनीक समझने और मनोबल ऊंचा रखने में मदद जरूर मिलेगी.
उप-सभापति पद के लिए हुए चुनाव का नतीजा घोषित होने के बाद नरेंद्र मोदी राज्यसभा पहुंचे थे. उन्होंने एनडीए के उम्मीदवार हरिवंश नारायण सिंह से हाथ मिलाकर बधाई दी.
वो अरुण जेटली के बराबर में अपनी सीट पर लौट रहे थे, तभी प्रधानमंत्री ने उनकी तरफ़ हाथ मिलाने के लिए बढ़ा दिया. लेकिन जेटली ने हाथ नहीं मिलाया. बस मुस्कुराकर नमस्ते किया.
और इस पल की तस्वीरें और वीडियो

Monday, May 14, 2018

вопрос о внедрении проце

Депутат из Ленобласти обратился в МВД и МЧС с просьбой рассмотреть вопрос о внедрении процедуры обязательного лицензирования квестов — игр с элементами перформанса, которые пользуются большим спросом в России. Как заявили RT в национальной Гильдии квестов, здесь они стали даже популярнее, чем на Западе, откуда некогда пришли. Однако статистика показывает, что вместе с возрастающей популярностью игр увеличивается и число связанных с ними несчастных случаев. Один из пострадавших игроков безуспешно судится с организаторами квеста, которые случайно ранили ему руку циркулярной пилой. RT разбирался, поможет ли лицензия исправить положение.

Житель Краснодара программист Александр Ивлев пошёл на известный в городе квест-перформанс «Клиника» за компанию с друзьями: сам он никогда не был любителем подобных игр. Задания нужно было выполнять в подвальном помещении, переделанном под психиатрическую клинику.
«Всё изменилось в одну ночь, когда из клетки вырвался особо опасный пациент и уничтожил половину персонала и более слабых подопытных, — гласит описание квеста на сайте. — Все, кто пытался ему противостоять, погибали или бежали в ужасе. Власти так и не смогли остановить этого монстра. Теперь он ставит опыты на жертвах».
По сценарию группа из шести человек должна была выполнять задания и параллельно искать выход из лечебницы. Выбираться из тёмного подвала нужно было с одним фонариком на всех, в то время как компанию старательно пугал аниматор.
Перед квестом нам рассказали, что нужно делать, объяснили, что за всеми следят камеры, но про пилу не было ни слова, — вспоминает сейчас Александр. — Возможно, так и было задумано».
Пострадавший стоял ближе всех к аниматору. Он заслонился от включённого инструмента левой рукой, и она  попала под удар. Александру оказали первую помощь и вызвали скорую. У мужчины были повреждены артерия, сухожилие и локтевой нерв. Из-за этого у программиста плохо двигается палец, а часть ладони потеряла чувствительность.

«Причинён вред здоровью»

Происшествием занялась полиция, а потом вмешался и Следственный комитет. Сначала следователи возбудили дело по статье «Оказание услуг, не соответствующих требованиям безопасности». Но после допроса всех участников квеста дело закрыли: выяснилось, что привлечь организаторов к ответственности практически невозможно, потому что формально они не отвечают за последствия.